मां चंद्रघंटा की पूजन विधि और आशीर्वाद...
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तीसरे दिन की पूजा मां चंद्रघंटा को समर्पित होती है। इनके माथे पर अर्धचंद्र के आकार की घंटी होती है, इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। मां का रूप बहुत तेजस्वी और वीर है, लेकिन अपने भक्तों के लिए यह बहुत दयालु और प्रेममयी मानी जाती हैं।
मां चंद्रघंटा के गुण
ये साहस और वीरता की प्रतीक हैं।
इनसे डर, तनाव और नकारात्मक शक्तियाँ दूर रहती हैं।
मां का आशीर्वाद व्यक्ति को आत्मविश्वासी और निडर बनाता है।
मां चंद्रघंटा के आशीर्वाद
जीवन में हिम्मत और आत्मबल मिलता है।
पढ़ाई, नौकरी या बिज़नेस में नई ऊर्जा और सफलता मिलती है।
परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
बुरी शक्तियों और नज़र-दोष से रक्षा होती है।
मां चंद्रघंटा की पूजा विधि
1. स्नान करके साफ कपड़े पहनें (विशेषकर सुनहरा या चमकदार रंग)।
2. पूजा स्थान पर मां चंद्रघंटा की तस्वीर/प्रतिमा स्थापित करें।
3. मां को लाल या सुनहरे फूल, धूप, दीपक अर्पित करें।
4. गुड़ और दूध से बने पकवान चढ़ाना शुभ माना जाता है।
5. शंख या घंटी बजाकर मां की आरती करें।
मां चंद्रघंटा की स्तुति
"पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टा यशस्विनी॥"
मंत्र
"ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः"
शुभ रंग
सुनहरा (गोल्डन) यह शक्ति और समृद्धि का प्रतीक है।
प्रिय फल और मिष्ठान
मां को सेब और गुड़ से बने मिष्ठान बहुत प्रिय हैं।
दूध से बनी चीज़ें (जैसे खीर) चढ़ाना भी शुभ है।
कन्याएं और स्त्रियां मां से क्या मांग सकती हैं
साहस और आत्मविश्वास, ताकि जीवन की चुनौतियों से न डरें।
पढ़ाई और करियर में उन्नति।
वैवाहिक जीवन में प्रेम और समृद्धि।
परिवार और बच्चों की रक्षा।
मां चंद्रघंटा से प्रार्थना करने पर डर दूर होता है और मन में हिम्मत, आत्मविश्वास और सकारात्मकता आती है।