भारत में ज़हरीली हवा — सरकार की “दमदार” सफलता...


banner

देश की हवा इन दिनों इतनी ज़हरीली हो चली है कि लगता है मानो सरकार ने इसे भी “वोकल फॉर लोकल” बना दिया है। अब हर सांस में देसी धुआं, देसी कण और देसी घुटन! देश के कई शहरों में AQI ऐसे उड़ान भर रहा है जैसे बजट में वादे उड़ान भरते हैं। 400, 450, 500… हवा से ज्यादा नंबर बड़े होते जा रहे हैं।

Written by Deepak Tak, New Delhi, Published by Deepak Tak, 25 November 2025, Tuesday, 12:30 PM IST

दिल्ली-एनसीआर तो इस समय एक खुले गैस चेम्बर जैसा बन चुका है। धुंध इतनी गहरी है कि सूरज को भी दो बार सोचना पड़ता है। उगूं या छुट्टी ले लूं? लोग मास्क पहन रहे हैं, डॉक्टर दवाइयाँ लिख रहे हैं, और सरकार? सरकार सिर्फ निर्दोष कुत्तों पे  “निगरानी कर रही है” शायद दूरबीन से।

नोएडा, गाज़ियाबाद और लखनऊ के अस्पतालों के बाहर भीड़ ऐसे बढ़ गई है जैसे चुनावी रैलियों में बढ़ती है, फ़र्क बस इतना है कि यहां लोग फोटो खिंचवाने नहीं, सांस लेने के लिए आ रहे हैं। डॉक्टर कह रहे हैं, “स्थिति भयावह है”, सरकार कह रही है—“स्थिति नियंत्रण में है।” दोनों में फर्क वही है जो एयर प्यूरीफायर और पंखे में होता है।

इधर राजधानी में क्लाउड सीडिंग का प्रयोग भी किया गया, यानी कृत्रिम बारिश! सरकार की यह प्लानिंग वैसी ही लगती है जैसे परीक्षा के एक दिन पहले बच्चों का यह कहना कि “भगवान-बरसा दे, पेपर ही न हो।” कल्पना कीजिए, पूरे साल कुछ नहीं, और अब बादलों पर केमिकल डालकर उम्मीद कि सब धुल जाएगा!

पराली जल रही है, लेकिन ज़िम्मेदारी? वो हवा की तरह उड़ती रहती है। हर साल, हर सरकार की वही स्क्रिप्ट:

दिल्ली वाले बोले—हवा साफ करो।
सरकार बोले—जैसे ही हवा साफ होगी, आपको बता देंगे।

इस सबके बीच मरीजों की संख्या बढ़ रही है, स्कूल बंद हो रहे हैं, लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। विशेषज्ञ ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी’ की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार शायद अभी भी सोच रही है कि इस विषय पर बैठक करनी है… या कुछ और तमाशा करके जनता का ध्यान भटकाना है।

वैसे ये पढ़-सुनकर सरकारी बंगलों में एयर प्यूरीफायर की शुद्ध हवा में रहने वाले और सरकारी गाड़ियों में एयर को कंडिश्नर करके बैठने वाले नेताओं के कान पे जूं तो नहीं रेंगनी वाली। हाँ, दिल्ली की जनता की आखों की जलन ज़रूर बढ़ने वाली है।

संक्षेप में देश में हवा अब इतनी ज़हरीली हो गई है कि हम विश्व स्तर पर फिर से नंबर 1 की तरफ बढ़ रहे हैं। मगर ये उपलब्धि कोई ताली नहीं बजवाती, सिर्फ खांसी और जलन देती है।

For feedback, suggestions, or claims regarding published content, please contact us @ deepak@newsbharatpratham.com / newsbharatpratham@gmail.com

 

 

Share Your Comments

Related Posts