ऐसे हुई पाकिस्तान में चीनी इंजीनियर व मज़दूरों की मौत...


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'पाकिस्तान' में आत्मघाती आतंकवादी हमले के कारण कई 'चीनी' इंजीनियरों की जान चली गई। ख़बर है, यह आतंकी हमला, हफ्ते भर में 'चीनी' हितों पर तीसरा हमला है। जब चीनी इंजीनियरों की गाड़ी 'शांगला' जिले के 'बेशम' शहर से गुज़र रही थी, उसी समय विस्फोटक से भरी आतंकवादियों की गाड़ी ने इंजीनियरों के वाहन को टक्कर मार दी। इस हादसे में पाँच चीनी इंजीनियर और एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई।

पाकिस्तानी पुलिस ने बताया कि इंजीनियरों का काफ़िला 'दासू बाँध' की ओर जा रहा था तभी 'चीनी' इंजीनियरों की टीम खाई में गिर गई और उनकी मौके पर ही मौत हो गई चीनी टीम में चार पुरुष और एक महिला शामिल थी।

सोमवार की रात 'बलोचिस्तान' में आतंकी पाकिस्तान के सबसे बड़े नेवल बेस 'तुरबत' में घुस गए। जिसे पाकिस्तानी सेना ने नाकाम कर दिया इस हादसे में चार आतंकी और एक सैनिक मारा गया। इस हादसे की जिम्मेदारी 'बलोच लिबरेशन आर्मी' ने ली है।

इससे पहले 2021 में 'दासू हाइडल पावर डैम' पर काम कर रहे चीनी इंजीनियरों की गाड़ी पर हमला हुआ था। जिसमें 12 लोगों की मौत हुई थी। मार्च 2024 में 'ग्वादर मिलिट्री इंटेलिजेंस हैडक्वार्टर' पर हमला हुआ। जिसमें दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए वहीं सिक्योरिटी फोर्स ने 8 आतंकवादियों को ढेर कर कर दिया।

'बलोच लिबरेशन आर्मी' 1970 के दशक में वजूद में आई, जुल्फिकार अली भुट्टो की सरकार के खिलाफ बगावत की और 2000 में इस संगठन ने हमले तेज़ कर दिए। 2007 में 'पाकिस्तान' सरकार ने इस संगठन को आतंकी संगठनों की सूची में डाल दिया।

'बलोच लिबरेशन आर्मी' पाकिस्तान में किसी भी विदेशी प्रभाव से आज़ादी चाहती है और इसमें 'चीन' को सबसे बड़ी रुकावट मानती है। 2014 में पाकिस्तान सरकार ने चीन के नागरिकों की सिक्योरिटी के लिए स्पेशल प्रोटैक्शन यूनिट बनाई थी जिसमें 4000 से ज्यादा सिक्योरिटी मैम्बर हैं जो करीब 7600 चीनी नागरिकों को स्पेशल सिक्योरिटी मुहैया कराती है।

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