बिमारी का स्थाई व सम्पूर्ण निदान है आयुर्वेद...

आयुर्वेद में वह क्षमता है कि यह बिमारी को जड़ से खत्म कर सकता है, ये बात ठीक है कि आयुर्वेद की दवाई काफ़ी समय बाद काम करना शुरू करती है, और इलाज लम्बा चल सकता है लेकिन माना जाता है जब मनुष्य के शरीर में वात् , कफ़ एवं पित् का संतुलन बिगड़ता है तो शरीर बिमारियों का घर बनना शुरू हो जाता है, इसलिए इसको दोबारा संतुलित करने के लिए आयुर्वेद की दवाइयों का सहारा लिया जाता है।
अक्सर, जल्दी ठीक होने के चक्कर में हम आधी-अधूरी जानकारी के साथ ही इलाज में लग जाते हैं लेकिन यदि हमें आयुर्वेद का पूरा लाभ चाहिए तो हमें इलाज के लिए पर्याप्त समय व कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। सबसे पहले यह ध्यान रखना होगा कि आयुर्वेद की दवाइयां किसी खास वैद की सलाह से ही ली जाएं।
दवा को सही तरीके से कब लेना है, कितनी मात्रा में लेना है। खाली पेट लेना है या खाने के बाद लेना है। ठंडे पानी या गुनगुने या दूध के साथ लेना है। यह सभी सलाह हमें एक योग्य आयुर्वेदिक वैद से ही मिल सकती हैं।
बिना पूरी जानकारी के कोई भी विज्ञापन देखकर किसी भी जड़ी बूटी बेचने वाले से दवा ख़रीद कर इलाज करने से वह इलाज पूरा लाभ नहीं देता है क्योंकि हर बेचने वाला नहीं जानता कि उस दवाई का कैसे कब कितनी मात्रा में इस्तेमाल करना है। आयुर्वेदिक इलाज पहले आपकी पाचन क्रिया को ठीक करता है ताकि आयुर्वेद की दवाई ठीक से अपना काम कर सके।
अनजाने में कई बार कुछ लोग दवाई की मात्रा को समझे बिना, तरीके को समझे बिना दवाइयां ले लेते हैं, जिससे इसका नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है, जैसे किसी लीवर की बिमारी वाला व्यक्ति यदि बिना वैदिक सलाह के स्वर्ण भस्म या लौह भस्म लेना शुरू कर दे तो उसके शरीर में आगे जाकर खराबी होने की संभावनाएं बन जाती हैं, इसलिए हमेशा यह सलाह दी जाती है कि आयुर्वेद की दवाइयां लेने से पहले किसी बढ़िया वैद से सलाह अवश्य ले लेनी चाहिए।
आयुर्वेद जगत में त्रिदोष पर सबसे ज्यादा ज़ोर दिया गया है, जिसमें पित् , वात् , कफ़ के बिगड़ने से बीमारियां होती हैं। इससे किडनी, लीवर, पाचन व सैक्स संबंधी बिमारियाों के होने की आशंका बनी रहती है।
इसलिए आप जब भी आयुर्वेद में अपनी बिमारियों का इलाज ढूंढे, सबसे पहले किसी अच्छे आयुर्वैदिक वैद को बिमारी के बारे में विस्तार पूर्वक बताएं और फिर उसका इलाज समझें ताकि आयुर्वेदिक दवाइयां अपना पूरा प्रभाव दिखा सकें और आपकी बिमारी जड़ से खत्म हो सके।
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