जर्मन डिप्लोमेट को हस्तक्षेप करना पड़ा महंगा

केजरीवाल गिरफ़्तारी मामले पर टिप्पणी में जर्मन डिप्लोमेट तलब, जर्मनी के डिप्लोमेट 'जॉर्ज एनजवीलर' ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद अरविंद केजरीवाल के गिरफ्तार होने पर भारत को यह सलाह दी थी कि वह इस मामले को निष्पक्ष्ता से देखें।
इस बयान पर नाराज़गी जताते हुए भारत सरकार ने 'जॉर्ज एनजवीलर' को तलब करते हुए यह कहा कि भारत अपनी न्यायपालिका और अपने कानून को संभालना जानता है। उन्हें किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप की कोई ज़रूरत नहीं है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता 'रणधीर जायसवाल' ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए जॉर्ज को कहा भारत के अंदरुनि मामले में दखल ना दें, जर्मन डिप्लोमेट को भारत सरकार ने हिदायत दी कि भारत हमेशा सभी मामलों को निष्पक्षता से देखता है। भारत सरकार ने यह भी कहा कि इस देश की न्याय प्रणाली में दख़ल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं दूसरी तरफ 'मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल' पर शराब घोटाले में निशाना साधते हुए केंद्रिय मंत्री 'अनुराग ठाकुर' ने कहा कि जो क्लीन चिट देते फ़िरते थे, वह आज खुद जेल में गिरफ्तार हैं और भाजपा सरकार लगातार केजरीवाल के इस्तीफ़े की मांग कर रही है। लोगों का कहना है, यह वही केजरीवाल हैं जो दूसरों को ईमानदारी का पाठ पढ़ाया करते थे। वह आज खुद भ्रष्टाचार मामले में अन्दर हैं, नैतिकता के चलते अरविंद को इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि 'लालू प्रसाद यादव' ने भी चारा घोटाले में इस्तीफ़ा दे दिया था।
इससे पहले 'अरविंद केजरीवाल' के गिरफ़्तार होने पर कई विदेशी मीडिया संस्थानों ने भी खूब रोना रोया था। 'क़तर' के 'अलजज़ीरा' ने तो भारत को मरा हुआ लोकतंत्र तक कहा था। वहीं आम आदमी पार्टी का कहना है कि यह सरकार की चाल है, भाजपा उन्हें फसा रही है।
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