लोकसभा चुनाव 2024 : अब की बार, ये होगा पहली बार


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भारत त्यौहारों का देश है। यहाँ हर दिन कोई ना कोई त्यौहार होता ही है जिसे मिलकर देश के सभी लोग एकता और सद्भाव से मनाते हैं। वहीं अब त्यौहारों का त्यौहार यानि कि चुनाव का महापर्व सामने है। इस बार चुनाव 19 अप्रैल से शुरू होकर 1 जून तक संपन्न होंगे जिसमें पूरा देश चुनाव व राजनीति के माहौल में रंग जाएगा।

जहाँ इस बार चुनाव आयोग ने अभिनेता राजकुमार राव को नेशनल आईकॉन फॉर वोटर अवेयरनेस के लिए चुना है। वहीं दूसरी ओर 2024 का यह चुनाव उन युवाओं के लिए खास रहेगा जो पहली बार अपने मतदान का उपयोग करेंगे।

अब की बार इलैक्शन कमिशन ने 85 साल की उम्र से ऊपर के बुजुर्ग और दिव्यांग जनों को एक ख़ास तोहफ़ा देते हुए ‘वोट फ्रॉम होम’ ( VOTE FROM HOME ) की सुविधा की शुरूआत की है। ऐसा पहली बार होगा कि लोकसभा चुनाव में व्यक्ति घर बैठे अपने मत का उपयोग कर सकेंगे। 

इस बार चुनाव आयोग सख़्ती बरतने का मन बनाए हुए है। एक तरफ़ पश्चिम बंगाल के डी. जी. पी. को बदला गया है दूसरी तरफ़ 9 राज्यों के मुख्य सचिव भी बदले दिए गए।

इलैक्शन कमिशन ने मौजूदा सरकार को ‘ विकसित भारत ‘ जुमले को सभी प्रचार के तरीकों से हटाने का निर्देश देते हुए विपक्ष के उन सभी आरोपों को धाराशाई किया जिसमें ये कहा जाता रहा है कि चुनाव आयोग सरकार के दबाव में काम करता है। 

आने वाले चुनावों के लिए क्या कांग्रेस, क्या बीजेपी, क्या आम आदमी, सभी पार्टियां चुनाव के रण में उतरने के लिए तैयार हैं और शक्ति प्रदर्शन करके अपना – अपना दम-ख़म दिखाना चाहती हैँ। विश्व का सबसे बड़ा प्रजातंत्र होने के नाते यह उत्साह स्वभाविक भी है। 

इतिहास में झांके तो भारत में पहली बार आम चुनाव साल 1951 से लेकर 1952 के बीच हुआ था। यह चुनाव 25 अक्टूबर 1951 से शुरू होकर 21 फरवरी 1952 को संपन्न हुआ। 

भारत की आज़ादी के बाद यह पहला आम चुनाव था। भारत के इस पहले आम चुनाव में इंडियन नेशनल कांग्रेस 364 सीटों के साथ विजय हुई थी वहीं जय प्रकाश नारायण की सोशलिस्ट पार्टी केवल 12 ही सीटें पा सकी थी और सी. पी. आई के अजय घोष 16 सीटें जीते थे।

फ़िलहाल आने वाले दो महीनों में चुनाव आयोग क्या – क्या कारनामे करता है, यह देखने लायक होगा।  केवल सरकार ही निशाने पर रहेगी या विपक्ष पर भी गाज गिरेगी। ऐसा ना हो कि इलैक्शन कमिश्न इस बार सभी राजनीतिक दलों को टी. एन. शेषन की याद दिला दे।

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