होली के माहौल में इस बीमारी का रहता है खतरा...

होली के दिन पुरानी बातें भुलाकर दुश्मन भी गले मिल जाते हैं, मगर क्या आप जानते हैं, यदि आप कुछ सावधानियां ना बरतें तो, होली के दिनों में ही अस्थमा का अटैक भी आपके गले पड़ सकता है। आइए समझते हैं, कैसे मनाया जा सकता है, इस हैप्पी होली को हैप्पी एंड हेल्थी होली।
1. सूखे रंगों से करें परहेज़ – सूखे रंगो के कण हवा में अधिक देर तक रहते हैं। जिस कारण साँस के साथ ये कण फ़ेफ़ड़ों तक पहुँच सकते हैं और साँस लेने में समस्या हो सकती है।
2. प्राकृतिक रंगों को बनाएँ साथी – आर्टिफ़िशियल रंग हैं नुकसानदायक, जितना हो सके, नैचुरल कलर्ज़ चुनें। वैसे प्राकृतिक रंग भी नुकसान कर सकते हैं, मगर ये आर्टिफ़िशियल रंगों के मुकाबले कम विषैले होते हैं।
3. खान-पान का रखें ध्यान - संतुलित आहार लें संतरे का रस व विटामिन डी से भरपूर भोजन करें इससे शरीर में आने वाली सूजन से बचा जा सकता है।
4. शराब व किसी भी तरह के नशे से बचें - शराब या अन्य किसी भी तरह का नशा आपको अस्थमा अटैक के करीब ले जा सकता है। दमा से परेशान व्यक्ति को मानसिक रूप से ज्यादा उत्तेजित होने से बचना चाहिए।
5. बच्चों का ख्याल रखने में ज्यादा सावधानी बरतें – अस्थमा के शिकार बच्चों को के माता-पिता को चाहिए कि वह होली खेलते समय अपने बच्चों के आसपास रहें और जितना हो सके उन्हें सूखे रंगों से बचाए। ख़ास ध्यान रखे दें कि वह आर्टिफिशियल रंगों की जगह प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करें।
6. होलिका दहन के समय रहें सावधान - होलिका दहन के समय आग से थोड़ी दूरी बनाकर रखें अन्यथा आप इसकी गर्मी से अस्थमा अटैक के शिकार हो सकते हैं। सावधानी के लिए नाक को रुमाल इत्यादि से ढक कर रख सकते हैं।
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