ज़रूरत से ज़्यादा शुद्ध पानी, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक...


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आप मानते हैं कि ज्यादा शुद्ध पानी पीना आपके शरीर के लिए लाभदायक है लेकिन ऐसा नहीं है। अति किसी भी चीज़ की बुरी ही समझी जाती है, फिर चाहे वह शुद्धता ही क्यों ना हो। सोने के ज़ेवर बनाने के लिए भी उसमें एक उचित मात्रा में तांबा मिलाना ज़रूरी हो जाता है।

Written by Suman Rahul Rawat, Yoga & Wellness Writer

ठीक उसी प्रकार जल की शुद्धता भी एक सीमा तक ही उचित रहती है। 'रिवर्स ऑस्मोसिस वॉटर फ़िल्टर' आपके स्वास्थ्य के लिए लम्बे समय के लिए ठीक नहीं है। एक्सपर्ट का कहना है कि आवश्यक्ता से अधिक शुद्ध पानी आपको नुकसान पहुंचता है। फ़िल्टर के ज़रिए पानी से खराब चीज तो निकल ही जाती है लेकिन साथ ही कैल्शियम व मैग्निशियम जैसे मिनरल्स भी खत्म हो जाते हैं जो कि शरीर के लिए बेहद ज़रूरी होते हैं।

एक्सपर्ट कहते हैं कि यदि आप वॉटर फ़िल्टर का इस्तेमाल करते हैं तो उसके एक लीटर पानी में 200 से ढाई सौ मिलीग्राम टीडीएस यानि (टोटल डिज़ाल्वड सॉलिड्स) की मात्रा होनी चाहिए। वॉटर फ़िल्टर को लेकर 'काउंसिल आफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च' ने सेमिनार किया था जिसमें बताया आरो वाटर में दिक्कत यह है कि इससे पानी से गंदगी हटाने की प्रक्रिया के दौरान ज़रूरी तत्व भी तत्व भी नष्ट हो जाते हैं।

वहीं आरो वॉटर के इस्तेमाल को लेकर काउंसिल ने चेतावनी दी है। मेदांता अस्पताल में 'गैस्ट्रोएंट्रोरोलॉजी' के डॉक्टर 'अश्वनी सत्या' ने बताया आरो वॉटर फ़िल्टर रोग पैदा करने वाले बैक्टिरिया वायरस, फंगस और विषाक्त पदार्थों को तो खत्म कर देता है।  जिससे ज़रूरी मिनरल्स भी नष्ट हो जाते हैं इसलिए अत्यधिक शुद्ध पानी पीना शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।

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