UAE ने लगाया बैन- क्या अब भारत की बारी है...


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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 15 साल से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसके तहत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे अब सोशल मीडिया पर अपना निजी अकाउंट नहीं बना सकेंगे इस फैसले के साथ UAE ऐसा नियम लागू करने वाला पहला अरब देश बन गया है। दुनिया के कई देश बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा बढ़ाने के लिए ऐसे कदम उठा रहे हैं।

Read in English: UAE Did It - Will India do it for its future

UAE के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल माहौल तैयार करना है, ताकि तकनीक का जिम्मेदारी से इस्तेमाल हो और बच्चों की सुरक्षा भी बनी रहे।

नए नियमों में क्या होगा?

नए नियमों के तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं कर पाएंगे, कमेंट नहीं कर सकेंगे, किसी से बातचीत नहीं कर सकेंगे, कंटेंट शेयर नहीं कर सकेंगे और न ही किसी पब्लिक ग्रुप या ओपन चैनल से जुड़ सकेंगे।

यह नियम UAE में उपलब्ध सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लागू होगा, चाहे वे मुफ्त हों या पेड। फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक, यूट्यूब और ऐसे सभी प्लेटफॉर्म इस दायरे में आएंगे, जो एल्गोरिदम के जरिए लोगों को कंटेंट दिखाते या सुझाते हैं।

15 से 16 साल के बच्चों के लिए अलग व्यवस्था

15 से 16 साल के किशोर सोशल मीडिया इस्तेमाल कर सकेंगे, लेकिन उनके अकाउंट पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू होंगे। इसमें उनकी उम्र के अनुसार कंटेंट दिखाना, अनजान लोगों से बातचीत जैसी जोखिम वाली सुविधाओं को बंद करना, स्क्रीन टाइम सीमित करना और पैरेंटल कंट्रोल जैसे फीचर शामिल होंगे।

अगर माता-पिता अपने बच्चे को अकाउंट बनाने की अनुमति भी देते हैं, तब भी ये सुरक्षा नियम और प्रतिबंध लागू रहेंगे।

सिर्फ उम्र बताना काफी नहीं होगा

सरकार ने साफ कर दिया है कि केवल अपनी उम्र लिख देना मान्य नहीं होगा। सोशल मीडिया कंपनियों को डिजिटल आईडी, सरकारी पहचान पत्र और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक की मदद से उम्र की सही जांच करनी होगी।

इसके अलावा कंपनियां बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों का डेटा इकट्ठा करके व्यावसायिक लाभ के लिए उसका इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी। वहीं, माता-पिता या अभिभावकों की जिम्मेदारी होगी कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें।

नियम नहीं मानने पर होगी कार्रवाई

मीडिया और टेलीकॉम नियामकों को उन सोशल मीडिया कंपनियों पर कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है, जो इन नियमों का पालन नहीं करेंगी। जरूरत पड़ने पर चेतावनी, जुर्माना, प्लेटफॉर्म पर आंशिक या पूर्ण प्रतिबंध और अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे अकाउंट तुरंत बंद करने होंगे, जो नए नियमों का पालन नहीं करते।

हालांकि कंपनियों को अपनी तकनीकी व्यवस्था अपडेट करने के लिए 12 महीने का संक्रमण काल (Transition Period) दिया गया है।

मध्य पूर्व के सबसे सख्त नियमों में शामिल

यह फैसला मध्य पूर्व में सोशल मीडिया पर लगाए गए सबसे कड़े प्रतिबंधों में से एक माना जा रहा है। इसके बाद फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक, स्नैपचैट और X जैसे प्लेटफॉर्म पर उम्र की सख्त जांच व्यवस्था लागू करने का दबाव बढ़ जाएगा।

दुनिया के कई देश उठा चुके हैं ऐसे कदम

ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश बना था जिसने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगाया। वहां नियम तोड़ने पर कंपनियों पर 4.95 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

इंडोनेशिया ने 28 मार्च 2026 से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ऐसे नियम लागू किए। मलेशिया ने 1 जून 2026 से सोशल मीडिया कंपनियों के लिए उम्र सत्यापन अनिवार्य कर दिया।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी अगले एक साल में बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने की घोषणा की है। फ्रांस सितंबर 2026 से 15 साल से कम उम्र के बच्चों पर प्रतिबंध लागू करेगा, जबकि ग्रीस 1 जनवरी 2027 से ऐसा नियम लागू करने की तैयारी में है। डेनमार्क, स्पेन, नॉर्वे, पोलैंड और स्लोवेनिया भी इसी तरह के कानून बनाने की प्रक्रिया में शामिल हैं।

भारत में भी उठ रही है मांग

UAE में रहने वाले सबसे बड़े प्रवासी समुदायों में भारतीय शामिल हैं। भारत में भी सोशल मीडिया पर उम्र के आधार पर प्रतिबंध लगाने को लेकर चर्चा तेज हुई है।

इस साल भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार ने सोशल मीडिया के लिए न्यूनतम आयु सीमा तय करने का सुझाव दिया था। उनका कहना था कि ये प्लेटफॉर्म खासकर 15 से 24 साल के युवाओं को लंबे समय तक जोड़े रखने के लिए आक्रामक तरीके अपनाते हैं।

वहीं, कर्नाटक सरकार ने भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का इरादा जताया है। हालांकि इसके लागू होने की प्रक्रिया और नियमों का पूरा खाका अभी सामने नहीं आया है।

अब UAE में सोशल मीडिया कंपनियों के पास 12 महीने का समय है। इस दौरान उन्हें ऐसी मजबूत व्यवस्था तैयार करनी होगी, जिससे हर यूजर की उम्र सही तरीके से सत्यापित की जा सके। सरकार ने साफ कर दिया है कि केवल यूजर द्वारा बताई गई उम्र को अब मान्य नहीं माना जाएगा।

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