केजरीवाल के गिरफ़्तार होने पर इस देश ने कहा, भारत मरा हुआ लोकतंत्र


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दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के गिरफ्तार होने पर जितनी हलचल भारत में है उससे कहीं ज़्यादा दुख विश्व के कई बड़े-बड़े मीडिया संस्थानों में देखने को मिला। विदेशी मीडिया संस्थानों के साथ-साथ कई भारतीय राजनीतिक दलों ने भी इस गिरफ़्तारी पर अपनी राय दी। वहीं इस पर अन्ना का ब्यान भी सामने आया है।

आइए समझते हैं कि किस विदेशी मीडिया संस्थान ने इस बारे में क्या कहा। सबसे पहले जानते हैं 'वॉशिंगटन पोस्ट' ने क्या छापा। हिन्दुस्तान को हर जगह बौना साबित करने पर तुले 'वॉशिंगटन पोस्ट' ने कहा - भारत में विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज़। वहीं, 'सीएनएन' ने गिरफ्तारी की ख़बर को मुख्य पृष्ठ पर जगह देकर लिखा। 'चुनाव से पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री गिरफ्तार, विपक्ष ने इसे साजिश बताया'।

'बीबीसी' ने लिखा, विपक्ष ने मुख्यमंत्री केजरीवाल की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। विपक्ष का कहना है, केजरीवाल ने कुछ भी ग़लत करने से साफ़ इनकार किया है और इस गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित बताया। वहीं भाजपा ने सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा, यह केवल भ्रष्टाचार के ख़िलाफ कार्रवाई है। 'बीबीसी' ने इस गिरफ्तारी को चुनाव से पहले विपक्ष के लिए एक कड़ा झटका बताया।

वहीं 'क़तर' के मीडिया संस्थान 'अलजज़ीरा' ने एक कदम आगे निकलते हुए को भारत को बताया - 'मरा हुआ लोकतंत्र'। 'अलजज़ीरा' ने विपक्ष की एकजुटता पर सवाल उठाते हुए लिखा। क्या मुख्यमंत्री की ये ग़िरफ़्तारी भारत के विपक्ष को एकजुट कर सकेगी?

'न्यूयॉर्क टाइम्ज़' ने लिखा राजनीतिक दल प्रचार पर करोड़ों खर्च कर रहे हैं और मोदी सरकार जांच एजेंसियों को विपक्ष के खिलाफ इस्तेमाल कर रही है। जो भाजपा में शामिल हो जाते हैं, सरकार उन पर कोई जांच नहीं बैठाती।

'अरविंद केजरीवाल' शराब नीति मामले में गिरफ्तार हैं। जांच एजेंसियों का कहना है, अरविंद काफ़ी समय से जवाब देने से बच रहे थे। ग़िरफ़्तारी पर अन्ना हज़ारे ने दुख जताते हुए कहा कि कभी अरविंद उनके साथ काम करता था और शराब का विरोधी हुआ करता था, मगर अब खुद शराब नीति बनाने के मामले में ग़िरफ्तार हो गया। अब कानून के मुताबिक जो होगा वही केजरीवाल को झेलना होगा।

मुख्यमंत्री की धर्मपत्नि सुनीता केजरीवाल ने कहा कि देश के बेटे, देश के भाई केजरीवाल ने जेल से संदेश भेजा है, और कहा है, मैं अन्दर रहूँ या बाहर देश के लिए समर्पित हूँ।

'सचिन पायलट' ने कहा एक निर्वाचित मुख्यमंत्री पर ऐसी कार्रवाई मैने कभी देखी नहीं है। चुनाव से ठीक पहले, जब आचार संहिता लगी हुई है, रात में जाकर ग़िरफ़्तार करना अनैतिक है।

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